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डिलीवरी के बाद की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और उनके उपाय - Postpartum problems and solutions in Hindi
डिलीवरी के बाद की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और उनके उपाय - Postpartum problems and solutions in Hindi
सà¥à¤¨à¤¿à¤ कई बार आवाज़ आने में कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£ का विलमà¥à¤¬ हो सकता है!
9 महीनों की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद आपको à¤à¤• माठकी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥€ होती है। हालांकि नयी नयी मां बनी महिलाओं के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² कर पाना थोड़ा कठिन होता है।
इस नठजीवन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद, आपके शरीर में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। इस पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अवधि में, जो डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद शà¥à¤°à¥‚ होती है, आपका शरीर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कम हà¥à¤¯à¥€ शकà¥à¤¤à¤¿ को दोबारा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने की कोशिश करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले के आकार में आने की कोशिश करता है।
जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आप इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में जानेंगी, उतने ही बेहतर तरीके से आप शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बदलावों का सामना कर पाà¤à¤‚गी जो कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के बाद महिलाओं में आते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– समसà¥à¤¯à¤¾ - Postpartum problems in Hindi
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण और इलाज - Causes and treatment of problems after childbirth in Hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– समसà¥à¤¯à¤¾ - Postpartum problems in Hindi
महिलाओं को डिलीवरी के बाद अनेकों समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। जिनमें कà¥à¤› अधिक गंà¤à¥€à¤° à¤à¥€ होती हैं। इनमें से कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® संकà¥à¤°à¤®à¤£, (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£, मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ या किडनी संकà¥à¤°à¤®à¤£)
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ
पेरिनियल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ (योनि और मलाशय के बीच का हिसà¥à¤¸à¤¾)
योनि डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
सà¥à¤¤à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं, जैसे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन, संकà¥à¤°à¤®à¤£ और दà¥à¤—à¥à¤§ नलिकाओं का à¤à¤° जाना।
खिंचाव के निशान
बवासीर और कबà¥à¤œ
मूतà¥à¤° या मल असंयम
बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद अवसाद
सेकà¥à¤¸ के दौरान दरà¥à¤¦ या असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले का शारीरिक आकार वापस लाने में कठिनाई।
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण और इलाज - Causes and treatment of problems after childbirth in Hindi
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और उनके इलाज इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ (Postpartum Hemorrhage)
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तà¥à¤°à¤‚त बाद थोड़ा रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना तो सामानà¥à¤¯ होता है, लेकिन अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ केवल 2% डिलीवरी में होता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अकà¥à¤¸à¤° लमà¥à¤¬à¥€ डिलीवरी, कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जनà¥à¤® के बाद या जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाता है तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
डिलीवरी के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का ठीक से संकà¥à¤šà¤¨ न हो पाने या फिर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ या योनि में चोट होने के कारण à¤à¤¸à¤¾ होता है।
यदि रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के à¤à¤• या दो हफà¥à¤¤à¥‡ बाद शà¥à¤°à¥‚ होता है, तो यह पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के टà¥à¤•ड़े के गरà¥à¤ में रह जाने के कारण हो सकता है। यह ऊतक सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकाल दिया जाता है। घर आने के बाद, अगर आपको à¤à¤¾à¤°à¥€ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इसकी जानकारी दें।
हालांकि, हो सकता है कि आपके कोई गांठहो जिसका घर पर उपचार नहीं किया जा सकता, à¤à¤¸à¥‡ में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
2. गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Uterine Infections)
आम तौर पर पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से अलग हो जाती है और जनà¥à¤® देने के बाद 20 मिनट में योनि से बाहर कर दी जाती है। यदि पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के टà¥à¤•ड़े गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रह जाते हैं, तो यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• सैक (Amniotic sac - à¤à¥à¤°à¥‚ण को बाहर से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली थैली) का संकà¥à¤°à¤®à¤£, डिलीवरी के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण हो सकता है। फà¥à¤²à¥‚ होने पर तेज़ बà¥à¤–ार, तेज धड़कनें, असामानà¥à¤¯ सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¤¾, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में सूजन और असहजता तथा गंध यà¥à¤•à¥à¤¤ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संकेत होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का आमतौर पर à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के कोरà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इलाज किया जाता है।
3. किडनी संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Kidney Infections)
जब मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फैल जाते हैं, तब किडनी संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है, जिसमें बार बार पेशाब के लिठजाना, मूतà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤— की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾, तेज बà¥à¤–ार, आम तौर पर बीमार सा महसूस होना, पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ या साइड में दरà¥à¤¦, कबà¥à¤œ और पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ होने जैसे लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं। इसके इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ दवाओं का कोरà¥à¤¸ करने के लिठकहते हैं। मरीजों को बहà¥à¤¤ सारा पानी पीने और किसी à¤à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग के लिठमूतà¥à¤° का नमूना देने के लिठकहा जाता है।
4. पेरिनियल (योनि और मलदà¥à¤µà¤¾à¤° के बीच की जगह) दरà¥à¤¦
जिन महिलाओं की नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी होती है, उनमें पेरिनियल दरà¥à¤¦ होना काफी आम बात है। इन ऊतकों में डिलीवरी के दौरान खिंचाव या चोट लग सकती है, जिससे उनमें सूजन, चोट और दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। ये असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टॉमी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बॠà¤à¥€ सकती हैं। à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टॉमी में योनि को ठीक रखने के लिठडिलीवरी के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ पेरिनियम में चीरा लगाया जाता है।
ओवर-द-काउंटर दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ इसमें मदद कर सकती हैं। जब आपको ये दरà¥à¤¦ महसूस हो, तो कीगल à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें। ये आपकी योनि की मांसपेशियों को मज़बूत करते हैं। अगर योनि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• या लगातार दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना बंद कर दें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
5. योनि डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ (Vaginal discharge)
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद शà¥à¤°à¥‚आती कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिà¤, रकà¥à¤¤à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ और अधिक डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥à¤¯ होता है। इस डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ, में रकà¥à¤¤ और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के अवशेष होते हैं और इसे लोकिया (Lochia) à¤à¥€ कहा जाता है।
6. सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन या अतिरिकà¥à¤¤à¤¤à¤¾
कà¤à¥€-कà¤à¥€ शिशà¥, मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से पूरा दूध नहीं पी पाता है, उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दूध सूखता नहीं है बलà¥à¤•ि इसकी अधिकता हो जाती है, जिस कारण कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ होती हैं। जब दूध आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आता है (पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दो से चार दिन बाद), आपके सà¥à¤¤à¤¨ बहà¥à¤¤ बड़े, कठोर और पीड़ादायक हो जाते हैं। इसका इलाज आप सही फिट की बà¥à¤°à¤¾ पहन कर और अपने सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर बरà¥à¤« लगा के कर सकती हैं।
7. मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Mastitis)
मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ या सà¥à¤¤à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर, आमतौर पर सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में असहजता और लालिमा का अनà¥à¤à¤µ होता है। सà¥à¤¤à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण à¤à¥€ हो सकता है और इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने पर तनाव, थकावट या निपलà¥à¤¸ में दरार सी पड़ने लगती है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प बà¥à¤–ार, ठंड लगना, थकान, सिरदरà¥à¤¦ या मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ महसूस होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। वो इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से उपचार करेंगे।
8. à¤à¤°à¥€ हà¥à¤¯à¥€ नलिकाà¤à¤‚ (Clogged Ducts)
à¤à¤°à¥€ हà¥à¤¯à¥€ दà¥à¤—à¥à¤§ नलिकाओं के कारण, लालिमा, दरà¥à¤¦, सूजन या सà¥à¤¤à¤¨ में गांठपैदा हो सकती है, लेकिन ये ही लकà¥à¤·à¤£ मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के होते हैं। लेकिन इसमें फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£, सà¥à¤¤à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£, दरारें, आदि नहीं होते हैं।
इसके उपचार के लिठजब तक सà¥à¤¤à¤¨ न हो लगातार सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करें, गरà¥à¤® और नम पैक दरà¥à¤¦ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर कई बार लगाने से इस समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान हो सकता है। हालांकि, यदि आपके गांठहै तो जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कई महिलाओं के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚, जांघों, कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और पेट पर दिखाई देते हैं। ये लाल निशान, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव के कारण होते हैं जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद तक रहते हैं। हालांकि ये कà¤à¥€ à¤à¥€ पूरी तरह से गायब नहीं होते। समय के साथ फीके ज़रूर पड़ जाते हैं। जबकि कई महिलाà¤à¤‚ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हटाने के लिठविशेष पà¥à¤°à¤•ार की कà¥à¤°à¥€à¤®, लोशन और तेलों का उपयोग करती हैं।
9. बवासीर और कबà¥à¥›
बवासीर और कबà¥à¤œ, बढ़े हà¥à¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और गरà¥à¤ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की नसों में दबाव पड़ने से बॠजाते हैं, ये दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलीवरी के बाद महिलाओं में होना सामानà¥à¤¯ हैं। ओवर-द-काउंटर मिलने वाले मलहम और सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ के साथ खाने में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ चीज़ें और तरल पदारà¥à¤¥, आमतौर पर कबà¥à¤œ और बवासीर की सूजन में आराम पहà¥à¤‚चाते हैं।
à¤à¤• हवादार, डोनट के आकार का तकिया, जो किसी à¤à¥€ दवा की दà¥à¤•ान पर मिलता है, बैठने में मदद करता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछे बिना लैकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¾ (Enemas- मरीज को मल और मूतà¥à¤° लाने के लिठलगाया जाता है) का उपयोग न करें। खासकर यदि आपकी à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टॉमी हà¥à¤¯à¥€ है या पेरिनियल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में टांके लगे हैं।
10. मूतà¥à¤° और मल असंयमितता
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› महिलाओं में मूतà¥à¤° और मल असंयम à¤à¥€ हो जाता है।
खासकर हà¤à¤¸à¤¤à¥‡ और खांसते समय मूतà¥à¤° का अनजाने में निकास, आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के खिंचने के कारण होता है। आमतौर पर, आपकी मांसपेशियों को टोन होने और सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में लौटने के लिठसमय की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। आप कीगल à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करके इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को और जलà¥à¤¦à¥€ कर सकती हैं।
इस बीच के समय में, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जांघिया या सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करें। यदि समसà¥à¤¯à¤¾ बनी रहती है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें वो समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठदवा लिख सकती हैं। यदि आप दरà¥à¤¦ या जलन का अनà¥à¤à¤µ करती हैं, या बहà¥à¤¤ तेज़ पेशाब आने का अनà¥à¤à¤µ करती हैं तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚ यह मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत हो सकता है।
10. बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾
डिलीवरी के बाद जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ 6 महीने का हो जाता है तब आपके बालों की चमक कम हो जाती है साथ ही साथ अधिक बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगते हैं। डिलीवरी के कई महीनों बाद (या जब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना कम या समापà¥à¤¤ हो जाता है), कई महिलाओं को बालों के à¤à¥œà¤¨à¥‡ से डर लगने लगता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥œà¤¤à¥‡ हैं।
11. डिलिवरी के बाद डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¤à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨, नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने की नई जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ के कारण, कई महिलाओं को चिंता या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ का सामना करना पड़ता है। अधिकतर के लिà¤, यह मनोदशा और हलà¥à¤•ा डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कई दिनों या सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक चलता है। या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आमतौर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीन महीने बाद सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाती है।
इसके इलाज के लिठसबसे पहले, पारिवारिक और करीबी मितà¥à¤°à¥‹à¤‚ का समरà¥à¤¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें। अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को उनके साथ साà¤à¤¾ करें, और अपने शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने में उनकी मदद लें।
यदि डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प आपकी बचà¥à¤šà¥‡ में रà¥à¤šà¤¿ कम होना या आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ या हिंसक विचारों, असामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° आदि लकà¥à¤·à¤£ सामने आते हैं, तो ततà¥à¤•ाल डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अधिक गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का संकेत हो सकता है जिसे डिलीवरी के बाद मनोविकृति (Postpartum psychosis) कहा जाता है।
12. सेकà¥à¤¸ के दौरान असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾
डिलीवरी के बाद जब आप शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से सहज महसूस करने लगें तब आप सेकà¥à¤¸ कर सकती हैं। नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बाद, योनि ऊतकों के पूरी तरह से ठीक होने तक सेकà¥à¤¸ न करें। आम तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद चार से छह हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक समà¥à¤à¥‹à¤— न करने की सलाह देते हैं। सिजेरियन डिलीवरी के बाद, à¤à¥€ आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको कम से कम छह हफà¥à¤¤à¥‡ तक इंतजार करने की सलाह देंगे।
13. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पूरà¥à¤µ के आकार को पà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के बाद वजन कम करने, कम हà¥à¤¯à¥€ ऊरà¥à¤œà¤¾ वापस लाने, तनाव को दूर करने और मांसपेशियों में ताकत लाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® है। जब तक आपकी सिजेरियन डिलीवरी, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जटिलताओं आदि की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ न हो, तब तक आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं। यदि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान और पहले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करती हैं, तो आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद फिटनेस का à¤à¥€ ज़रूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ होगा और आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ज़रूर करेंगी, लेकिन तà¥à¤°à¤‚त तेज़ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जैसे कूदने आदि की कोशिश न करें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद शरीर में किसी à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ परिवरà¥à¤¤à¤¨ से अवगत रहें। अगर आपको निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ होता है तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। हो सकता है कि वो लकà¥à¤·à¤£ किसी गंà¤à¥€à¤° जटिलता का संकेत हों।
सामानà¥à¤¯ मासिक धरà¥à¤® से अधिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥¤
योनि या पेरिनियल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में लगातार बà¥à¤¤à¤¾ हà¥à¤† दरà¥à¤¦à¥¤
100.4 डिगà¥à¤°à¥€ फ़ारेनहाइट बà¥à¤–ार।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने पर पीड़ादायक सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस होना।
पैरों में दरà¥à¤¦, सूजन या असहजता।
खांसी या सीने में दरà¥à¤¦à¥¤
पेशाब के दौरान दरà¥à¤¦ या जलन या पेशाब का लगातार और अचानक अनà¥à¤à¤µà¥¤
मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€
डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ में रà¥à¤šà¤¿ न होना या आतà¥à¤®à¤˜à¤¾à¤¤à¥€ और हिंसक विचार मन आना।
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